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ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड़ के पास भविष्य जानने वालों की दिखी भारी भीड़

Dehradun: अपनी समस्याओं का समाधान लेने ज्योतिषाचार्य पंडित पुरुषोत्तम गौड़ के पास आए लोगों के सवालों से पहले उन्होंने कागज पर उनका जवाब लिख दिया। उनकी इस विधा को देखकर लोग न सिर्फ अचंभित हुए बल्कि उनकी जिज्ञासा अपने जवाब को जानने की ओर बढ़ गई।

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ में अपना भविष्य जानने वाले प्रश्नकर्ता से बिना कुछ पूछे ही पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ने उनके प्रश्नों के जवाब को पेपर पर लिखकर बता दिया। प्रभु श्रीराम के अनन्य एवं परम पूज्य गुरूदेव हैड़ाखान वाले बाबाजी के भक्त पंडित पुरुषोत्तम गौड़ ज्योतिष के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि वह हर अनजान व्यक्ति के जीवन से जुड़ी जानकारी पहले ही कागज पर लिखकर उसका निदान भी बताते हैं।

ज्योतिष महाकुंभ में डॉ. एलके त्रिपाठी के पास आए पूर्व सैनिक वीरेंद्र सिंह नेगी ने कहा, इससे पहले दून में आयोजित महाकुंभ में आए थे। तब ज्योतिषाचार्य ने कहा था कि आपका घर बन जाएगा। वाकई मेरा घर बन गया। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ के लिए लंबा इंतजार किया है। इस बार डॉ. त्रिपाठी ने उन्हें बताया है कि उन्हें जल्द वाहन सुख मिलने वाला है। नेगी ने कहा कि ज्योतिष हमें अपनी सकारात्मक ऊर्जा को दिशा देने का काम करता है।

ज्योतिष शास्त्र में टैरो कार्ड रीडिंग भी एक महत्वपूर्ण विधा है। मेज पर फैले ये टैरो कार्ड भी जीवन का भविष्य बताते हैं। ज्योतिष महाकुंभ में टैरो कार्ड रीडिंग से काफी लोगों ने अपना भविष्य जाना। टैरो कार्ड एक्सर्पट डॉ. वाई राखी बताती हैं कि टैरो के 78 कार्ड भविष्य के राज खोलते हैं। टैरो एक एनर्जी है और हमारे आसपास पॉजिटिव व नेगेटिव एनर्जी होती है। जब हम उन एनर्जी का प्रयोग करते हैं तो सामने वाले की वाईब्रेशन हमारी वाईब्रेशन से मिलती है। तब हम उनके सवालों के जवाब देते हैं। कार्ड सब कुछ बोलते हैं। जिनके पास जन्मतिथि नहीं होती, उनके लिए कार्ड भविष्य जानने का अच्छा जरिया है। कहा कि टैरो कार्ड से सामने वाले के हर सवाल के जवाब मिलते हैं। ज्योतिष महाकुंभ में निशुल्क कुंडली बनवाने को लोगों की खासी भीड़ नजर आई। सैंकड़ों की संख्या में लोगों ने अपनी कुंडली बनवाई। स्टॉल पर सुबह से ही कुंडली बनवाने को उत्साह दिखा। जिन लोगों को अपनी जन्मतिथि नहीं पता थी, उन्होंने हस्तरेखा के माध्यम से अपनी जन्मतिथि पता कर कुंडली बनवाई। लोगों की खासी भीड़ होने के चलते कुंडली बनवाने के लिए लोगों को लंबा इंतजार भी करना पड़ा।

ज्योतिष महाकुंभ में प्रश्न ज्योतिष पीपीएस राणा ने लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका भविष्य बताया। उनके पास सबसे अधिक छात्रों ने ग्रेजुएशन के बाद बिजनेस या नौकरी करने के प्रश्न किए। इसके साथ ही नौकरी में प्रमोशन की समस्याओं को लेकर काफी लोग पहुंचे।

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