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विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत प्रदेश में स्टेट हाईवे पर बने लोक निर्माण विभाग के 60 पुलों का कायाकल्प

Dehradun: आपदा प्रबंधन विभाग की विश्व बैंक पोषित परियोजना के तहत प्रदेश में स्टेट हाईवे पर बने लोक निर्माण विभाग के 60 पुलों का कायाकल्प होगा। ये सभी पुल कम भार क्षमता के हैं। इन्हें बी से ए श्रेणी में बदला जाएगा। लोनिवि ने आपदा प्रबंधन विभाग को पुलों का प्रस्ताव सौंप दिया है।

इन पर करीब 400 करोड़ रुपये की लागत आएगी, लेकिन विश्व बैंक से 300 करोड़ रुपये की मदद ही मिलेगी। सचिव लोनिवि डॉ. पंकज कुमार पांडेय के मुताबिक, नवंबर महीने में विश्व बैंक की एक टीम दौरा करेगी। प्रस्ताव में शामिल पुलों का निरीक्षण करने के बाद करार होगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए हर जिले में एक डिविजन को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। जिन जिलों में एडीबी के डिविजन पहले से संचालित हैं, उन्हें ये जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। विभाग की यह कोशिश भी है कि प्रोजेक्ट के तहत दो बड़े स्थानों के सारे पुलों को इस प्रोजेक्ट तहत अपग्रेड कर दिया जाए ताकि वहां की कनेक्टिविटी एक बार दुरस्त हो जाए।

लोनिवि के 300 पुल होने हैं अपग्रेड

राज्य के स्टेट हाईवे में ऐसे 300 पुल चिन्हित किए गए हैं, जिन्हें अपग्रेड किया जाना आवश्यक है। ये सभी पुल बी श्रेणी के हैं। ट्रैफिक दबाव बढ़ने की वजह से इनकी भार क्षमता को बढ़ाया जाना आवश्यक है।

उत्तरकाशी और चमोली जिले में ज्यादा पुल

सीमांत जिले उत्तरकाशी और चमोली में ऐसे पुलों की अधिक संख्या हैं जिन्हें अपग्रेड किया जाना है। इन दोनों जिलों में प्रोजेक्ट के लिए डेडीकेटेड दो-दो डिविजन होंगे।

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