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भारी मलबा आने से हेलंग के पास अवरुद्ध हुआ बदरीनाथ हाईवे

Dehradun: बदरीनाथ हाईवे बृहस्पतिवार को हेलंग के पास पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा आने से बंद हो गया। हाईवे बंद होने पर पुलिस प्रशासन ने यात्रा वाहनों को जगह-जगह पड़ावों पर रोक दिया है। पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शुक्रवार को हाईवे सुचारु होने के बाद वाहनों की आवाजाही सुचारु कर दी जाएगी। जगह-जगह करीब 10 हजार यात्री रोके गए हैं।

बृहस्पतिवार को हेलंग के पास चट्टान से मलबा आने का सिलसिला बना रहा। अपराह्न तीन बजे अचानक चट्टान से भारी मात्रा में मलबा हाईवे पर आ गया जिससे हाईवे बंद हो गया। साथ ही एक कार पर भी मलबा आ गिरा जिससे यात्री चोटिल हो गए। इस दौरान करीब पांच किमी तक लंबा जाम रहा।

एनएचआईडीसीएल ने जेसीबी लगाकर करीब दो घंटे बाद हाईवे खोला ही था कि एक घंटे बाद छह बजे पहाड़ी से फिर से मलबा आ गया। ऐसे में हाईवे के दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही थम गई। पुलिस प्रशासन ने दोनों तरफ से यात्रा वाहनों को हटा दिया। करीब 10 हजार तीर्थयात्रियों को रोक दिया गया और रात्रि विश्राम के लिए जोशीमठ, हेलंग, पाखी, पीपलकोटी, चमोली भेज दिया गया।

पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि हाईवे से मलबा हटाने का काम चल रहा है। रात तक हाईवे सुचारु हो जाएगा, लेकिन वाहनों की आवाजाही सुबह करवाई जाएगी। उन्होंने तीर्थयात्रियों को यात्रा का अपडेट लेने के बाद ही तीर्थयात्रा शुरू करने की अपील की है।

शोपीस बना है आपदा कंट्रोल रूप

जोशीमठ में चारधाम यात्रा के लिए खोला गया आपदा कंट्रोल रूप शोपीस बना हुआ है। यहां तैनात कर्मचारियों को चारधाम यात्रा के संबंध में किसी तरह की कोई जानकारी नहीं है। बृहस्पतिवार को बदरीनाथ हाईवे पर तीन दुर्घटनाएं हुईं लेकिन वहां इस संबंध में कोई जानकारी नहीं थी।
बोल्डर आने से दो घंटे बंद रहा यमुनोत्री हाईवे
यमुनोत्री हाईवे पर किसाला के पास पहाड़ी से पत्थर गिरने से हाइवे दो घंटे तक बंद रहा जिससे तीर्थयात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं पहाड़ी से बोल्डर मलबा गिरने की आशंका के बीच यात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को सुबह 8 बजे हाईवे पर मलबा आ गया था जिसे जेसीबी ने करीब 10 बजे हटाकर हाईवे खोल दिया था। यमुनोत्री हाईवे पर आलवेदर सड़क परियोजना के तहत चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। कहीं जगहों पर सुरक्षा कार्य करने के बाद भी भूस्खलन थमने का नाम नहीं ले रहा है। एनएच के ईई राजेश पंत का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया की स्वीकृति मिलने के बाद भूस्खलन क्षेत्र के ट्रीटमेंट का काम शुरू किया जाएगा।

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