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पेटीएम से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश

Dehradun: पेटीएम के माध्यम से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह ने एक महीने में विभिन्न राज्यों में आठ घटनाओं में करीब साढ़े छह लाख की ठगी की थी। पुलिस ने आरोपियों के तीन बैंक खाते फ्रीज करा दिए हैं।

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 12 अप्रैल को देवपाल सजवान निवासी सुंदरवाला, रायपुर ने रायपुर थाने में तहरीर दी थी। बताया कि अज्ञात लोगों ने दुकान पर लगा स्कैनर ठीक करने के बहाने मोबाइल का पेटीएम हैक कर खाते से एक लाख 40 हजार रुपये निकाल लिए। घटना के खुलासे के लिए तीन टीमों का गठन किया गया।टीमों ने घटनास्थल के आसपास करीब 195 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। घटना के दिन कुछ में पीड़ित की दुकान के आसपास दो संदिग्ध व्यक्ति घूमते दिखाई दिए। उनसे कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप के पास एक संदिग्ध स्कूटी के साथ एक अन्य व्यक्ति खड़ा था।

तीनों आरोपियों को रायपुर स्टेडियम तिराहे के पास से गिरफ्तार किया
घटना के बाद दोनों व्यक्ति दुकान से पेट्रोल पंप की ओर आते दिखे। इसके बाद तीनों स्कूटी से आईएसबीटी पहुंचे। एक आईएसबीटी से बस में गया और दो व्यक्ति स्कूटी से सहारनपुर की ओर जाते दिखाई दिए। सहारनपुर रोड पर देवबंद टोल टैक्स के कैमरों को चेक किया गया तो वहां स्कूटी का नंबर ट्रेस हो गया। दिल्ली का नंबर होने पर एक टीम को वहां रवाना किया गया। वहां पता चला कि स्कूटी गौरव निवासी मंडोली, दिल्ली के नाम पर पंजीकृत है। उस पते पर दबिश दी गई तो कोई नहीं मिला।

जांच में सामने आए एक मोबाइल नंबर की पड़ताल की गई तो वह घटना के दिन घटनास्थल के आसपास मौजूद था। इस बीच पुलिस को पता चला कि तीनों दोबारा किसी घटना को अंजाम देने देहरादून आने वाले हैं। पुलिस की टीमों ने दिल्ली और हरिद्वार से देहरादून आने वाले अलग-अलग रास्तों पर चेकिंग शुरू कर दी। इसके बाद तीनों आरोपियों को रायपुर स्टेडियम तिराहे के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

27 बार कोड, 60 स्कैनर पेज बरामद
आरोपियों की पहचान गौरव निवासी मंडोली एक्सटेंशन, थाना हर्ष विहार, दिल्ली, हिमांशु निवासी हर्ष विहार, दिल्ली और सुशील कुमार निवासी तेजराम गली, सुभाष मोहल्ला गोंडा, भजनपुर, दिल्ली के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से नौ मोबाइल, तीन सिम कार्ड, 27 बार कोड, 60 स्कैनर पेज और 81 नेशन एक्सप्रेस कंपनी के कार्ड और घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद की है।

ऐसे करते थे ठगी
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अलग-अलग शहरों में दुकानों पर जाकर नया स्कैनर लगाने और पेटीएम ठीक करने के नाम पर दुकानदारों से ठगी करते थे। दुकानदारों से उनके मोबाइल लेते थे। अपने मोबाइल में दुकानदार का सिम डालकर उस नंबर से अपने फोन में पेटीएम रजिस्टर्ड कर देते थे। इसके बाद दुकानदार की पेटीएम की प्रोफाइल सेटिंग में जाकर मैनेज नोटिफिकेशन से अलर्ट बंद कर देते हैं। इसके बाद दुकानदार का सिम दोबारा अपने मोबाइल से निकालकर उनके फोन में डाल देते थे। उनके मोबाइल पर जिससे उनके फोन पर दुकानदार की सिम से रजिस्टर्ड पेटीएम 48 घंटे तक चलता रहता था। वह मनमाना ट्रांजेक्शन करते हैं और दुकानदार को पता बाद में चलता है। पुलिस ने इनमेें से तीन बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है।

रायपुर में सब्जी विक्रेता को बनाया था शिकार
आरोपियों ने अप्रैल में लाडपुर में एक सब्जी विक्रेता से एक लाख 40 हजार की ठगी की थी। इसके अलावा देहरादून में दो जगह, हरिद्वार में एक जगह, दिल्ली में तीन जगह और गाजियाबाद में दो जगह ठगी की थी। धनराशि को वे अपने रिश्तेदार, दोस्त और दिल्ली में के एक व्यक्ति के खाते में डालते थे। सतीश जीटीवी अस्पताल दिल्ली में काम करता है। कमीशन काटकर बाकी की रकम नकद मिल जाती थी।
आरोपियों ने बताया कि वे तीनों दोस्त है। एक साथ नेशन एक्सप्रेस मार्केटिंग कंपनी में काम करते थे। वेतन बहुत कम होने के कारण नौकरी छोड़कर अधिक पैसे कमाने के चक्कर में पेटीएम स्कैनर लगाने के नाम पर ठगी करने लगे।

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