हरिद्वार-रुड़की में कई गांव जलमग्न
गंगा नदी और बरसाती नदियां उफान पर हैं। कभी सूनी पड़ी रहने वाली गंगा की सहायक नदी बाण गंगा ने भी बरसात में ग्रामीणों को अपना रौद्र रूप दिखा दिया। जिसने किसानों की फसलों को अपने आगोश में ले लिया। किसानों की धान, गन्ना, हरा चारा और सब्जियों को नष्ट कर दिया है।





