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16 मार्च से छह अप्रैल तक आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं का रिजल्ट 25 मई से पहले घोषित

Dehradun: शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने कहा 16 मार्च से शुरू हो रही उत्तराखंड बोर्ड की परीक्षाओं का रिजल्ट 25 मई से पहले घोषित कर दिया जाएगा। परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता से होंगी। नकलविहीन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा के लिए 1253 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिन पर कुल दो लाख 59 हजार 439 छात्र-छात्राएं परीक्षा देंगे। परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेंगे। विद्यालयी शिक्षा महानिदेशालय में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा नकलविहीन परीक्षा के लिए विभिन्न स्तरों पर सचल दल बनाए जाएं।
जो सभी परीक्षा केंद्रों में जाएंगे, खासकर सड़क मार्ग से अधिक दूरी पर स्थित केंद्रों पर भी अनिवार्य रूप से जाना होगा। इसके साथ ही तीन बार से अधिक संवेदनशील श्रेणी में रहे परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी ताकि नकलविहीन परीक्षा का आयोजन सफलतापूर्वक किया जा सके।

डॉ. रावत ने बताया कि आगामी 16 मार्च से छह अप्रैल तक आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में हाईस्कूल में एक लाख 32 हजार 115 एवं इंटरमीडिएट के एक लाख 27 हजार 324 छात्र-छात्राएं शामिल हैं। बैठक में सचिव विद्यालयी शिक्षा रविनाथ रमन, अपर सचिव शिक्षा योगेन्द्र यादव, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा बंशीधर तिवारी, निदेशक माध्यमिक शिक्षा सीमा जौनसारी, सचिव उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड डॉ. नीता तिवारी, अपर निदेशक आरके उनियाल, महावीर सिंह बिष्ट, डाॅ. मुकुल सती आदि मौजूद रहे।

पौड़ी में सबसे अधिक 136 और चंपावत में सबसे कम 39 परीक्षा केंद्र

शिक्षा मंत्री ने कहा प्रदेशभर में 1253 परीक्षा केंद्रों पर बोर्ड परीक्षा होगी, इसमें 195 परीक्षा केंद्रों को संवेदनशील और 14 परीक्षा केंद्रों को अतिसंवेदनशील घोषित किया गया है। इसमें सबसे अधिक 136 परीक्षा केंद्र पौड़ी जिले एवं सबसे कम 39 केंद्र चंपावत जिले में बनाए गए हैं।

15 से 29 अप्रैल तक बोर्ड परीक्षाओं का मूल्यांकन होगा

बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में पुलिस एवं जिला प्रशासन की भूमिका अहम शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा राज्य में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन में विभाग के साथ पुलिस एवं जिला प्रशासन की भी अहम भूमिका है। विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने से पूर्व संबंधित जिला अधिकारी के साथ नकलविहीन परीक्षा संपन्न कराने के लिए विधिवत बैठक करें। परीक्षा एवं मूल्यांकन केंद्रों पर प्रश्नपत्रों व उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए भी विभाग के चतुर्थ श्रेणी कार्मिक की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

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