संकट में हैं हिमालयी क्षेत्र के भौरे
Dehradun: जलवायु परिवर्तन और हिमालयी क्षेत्र में बढ़ती मानव गतिविधियों की वजह से आने वाले समय में भौरों के प्राकृतिक आवास धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे। भारतीय वन्य जीव संस्थान के वैज्ञानिकों ने हिमालयी क्षेत्रों में भौरों की 32 प्रजातियों के अध्ययन में इसका खुलासा किया है।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे अगले 50 वर्षों में भौरों की अधिकतर प्रजातियों के लिए उपयुक्त आवास में कमी आएगी। अध्ययन के दौरान पाया कि हिमालयी क्षेत्र का 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भौरों की केवल तीन प्रजातियों के लिए उपयुक्त है। 20 से 30 प्रतिशत क्षेत्र भौरों की केवल दो प्रजातियों एवं 10 प्रतिशत से कम क्षेत्र 16 प्रजातियों के लिए उपयुक्त हैं।