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गढ़वाल विवि से स्नातक में प्रवेश प्रक्रिया शुरू नहीं

देहरादून । हेमवती नंदन बहुगुणा केंद्रीय गढ़वाल विश्वविद्यालय का भले ही निजाम बदल गया हो, लेकिन व्यवस्था नहीं बदली। नये स्थायी कुलपति के आने के बाद अब विवि की बदहाल प्रशासनिक व्यवस्था के पटरी पर आने काे और कितना इंतजार करना होगा, यह तय नहीं है।

कामन यूनिवर्सिटी एंट्रेस टेस्ट (सीयूईटी-यूजी) स्नातक का परिणाम जारी हुए 14 दिन हो गए हैं, लेकिन गढ़वाल विश्वविद्यालय ने अभी तक स्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रक्रिया भी प्रारंभ नहीं की है। दूसरी ओर, दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) में पंजीकरण की तिथि 14 जुलाई को पूरी हो चुकी है।

इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में उच्च शिक्षा व्यवस्था कितनी हाईटेक हो पाई है। एनएनबी गढ़वाल केंद्रीय विवि ही खुद घोषित शैक्षणिक कैलेंडर का ही पालन नहीं कर रहा है तो वह संबद्ध कालेजों पर कैसे नियमों को लेकर सख्ती दिखा पाएगा।

प्रदेश के 11 सहायता प्राप्त अशासकीय कालेजों के अलावा बिड़ला परिसर श्रीनगर, पौड़ी व टिहरी संगठक महाविद्यालयों के करीब 22,200 छात्र-छात्राएं बीए, बीएससी एवं बीकाम प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने का इंतजार कर रहे हैं। अन्य राज्यों में सीयूईटी परिणाम घोषित होने के अगले दिन से प्रवेश को पंजीकरण प्रारंभ हो गए हैं। जबकि उत्तराखंड के छात्र टकटकी लगाए बैठे हैं।

केंद्रीय विवि और देश के कई बडे महाविद्यालयों में स्नातक और स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने के लिए सीयूईटी-यूजी और पीजी परीक्षा अनिवार्य की गई है। देशभर में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) परीक्षा आयोजित करता है।

सीयूईटी स्कोर के आधार पर गढ़वाल विवि और संबद्ध कालेजों में प्रवेश होता है। सीईयूटी परीक्षा परिणाम चार जुलाई को घोषित कर दिया गया, लेकिन विवि ने अभी तक प्रवेश के लिए पंजीकरण भी प्रारंभ नहीं किया है। अकेले देहरादून के डीएवी, डीबीएस, एमकेपी, श्री गुरुराम राय पीजी कालेज और एमपीजी कालेज मसूरी में स्नातक की 6035 सीटें निर्धारित हैं।

डीएवी कालेज के प्राचार्य डा. कौशल कुमार ने कहा कि अभी तक स्नातक में प्रवेश के लिए पंजीकरण प्रारंभ नहीं किया गया है। स्नातक में प्रवेश लेने वाले कई छात्र-छात्राएं हर दिन कालेज आकर संपर्क कर रहे हैं।

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