News Portal

135 वर्षों बाद दुर्लभ संयोगों में मनाई गई शिवरात्रि, शिवालयों में जलाभिषेक को उमड़े भोले के भक्त

Dehradun: सावन की शिवरात्रि के मौके पर आज पहाड़ से मैदान तक सुबह से ही शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ी है। शिवालय जय बोल बम के जयकारों से गूंज रहे हैं।

इस वर्ष श्रावण शिवरात्रि कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के बीच मनाई जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार शिवरात्रि पर गजकेसरी योग, गुरु आदित्य योग, बुध आदित्य योग और पंचग्रही योग का विशेष संयोग बन रहा है। इसके साथ ही मंगलवार, पुनर्वसु व पुष्य नक्षत्र, सिद्धि योग व कर्क राशि में चंद्रमा की स्थिति इस पर्व को और अधिक शुभ बना रही है।
जानकारों के अनुसार, लगभग 135 वर्षों बाद ऐसे दुर्लभ संयोगों में श्रावण शिवरात्रि का पर्व पड़ रहा है। इस दौरान भगवान शिव और माता पार्वती के साथ मंगल, बृहस्पति, शनि और चंद्रमा का विशेष प्रभाव श्रद्धालुओं पर रहेगा। मंगलवार का दिन भगवान शिव को प्रिय माना जाता है। वहीं पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि और कर्क राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। बृहस्पति भी चंद्रमा के साथ शुभ स्थिति में गोचर कर रहे हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.