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सपनों का घर बनाने और कारोबार के लिए जमीन खरीदने से पहले सौ बार सोच लें, दून में जालसाज ऐसे हैं फंसा रहे

Dehradun: सपनों का घर बनाने और कारोबार के लिए कोई शहर के आसपास जमीन खरीदने से पहले एक बार नहीं बल्कि 100 बार सोच लें। यहां देश के बड़े-बड़े जालसाजों की जमीनें हैं जिनमें निवेश किया तो फंसना तय है। यहां गोल्डन फॉरेस्ट और पीएसीएल जैसी कंपनियों की सैकड़ों हेक्टेयर जमीनें हैं जिन पर दशकों से विवाद चल रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यहां खरीद फरोख्त पर मनाही है। बावजूद इसके हर साल दर्जनों लोग जमीन बेचने वालों के झांसे में आकर अपनी जीवनभर की कमाई लुटा देते हैं।

बता दें कि पीएसीएल और गोल्डन फॉरेस्ट ने देशभर के लोगों से जमा योजना चलाकर अरबो रुपये की ठगी की। इनकी सभी संपत्तियों को सेबी के अधीन अटैच किया गया है। इनकी खरीद फरोख्त पर प्रतिबंध लागू है। इनकी ज्यादातर संपत्तियां विकासनगर क्षेत्र में है। जिले में प्रतिबंधित खसरों की बात करें तो 73 ऐसे खसरा संख्या हैं जिनकी खरीद फरोख्त पर रोक लगी हुई है।

इनमें से 52 खसरे विकासनगर क्षेत्र के हैं। इनके अलावा स्थानीय अदालतों और हाईकोर्ट के आदेश पर भी कई खसरा प्रतिबंधित हैं। इनकी सूची प्रशासन ने ई-रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर भी अपलोड की हुई हैं। यही नहीं सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में भी इन खसरों की सूची को चस्पा किया हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी निवेशकों से इन खसरों की जानकारी लेकर ही निवेश करने की सलाह देते हैं।

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