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भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी, सह-प्रभारी, कोर कमेटी की बैठक में होंगे शामिल

Dehradun: भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी राम माधव, सह प्रभारी अरविंद मेनन और बांसुरी स्वराज 25 सितंबर को देहरादून पहुंचेंगे। यहां कोर कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। इसके लिए प्रदेश संगठन ने तीनों नेताओं को सूचना दे दी है।

प्रदेश में 25 नवंबर को खाली होने जा रही राज्यसभा सीट पर चुनाव की अधिसूचना जारी हो चुकी है। भाजपा ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 25 सितंबर को कोर कमेटी की बैठक होने जा रही है। प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने बताया कि तीनों नेताओं को सूचना दे दी गई है। कोर कमेटी की बैठक में सभी शामिल होंगे। बैठक में राज्यसभा प्रत्याशी के तीन नामों का पैनल तय किया जाएगा। यह राष्ट्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। पार्टी अपने प्रभारी, सह-प्रभारी के स्वागत की तैयारी में भी जुट गई है।

कौन हैं उत्तराखंड भाजपा के नए प्रभारी-सह प्रभारी

राम माधव : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, कुशल रणनीतिकार और लेखक हैं। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक और राष्ट्रीय प्रवक्ता रह चुके हैं। 2014 में भाजपा में शामिल होकर वे राष्ट्रीय महासचिव बने। पूर्वोत्तर राज्यों असम, त्रिपुरा और मणिपुर में भाजपा की ऐतिहासिक जीत दर्ज कराने और जम्मू-कश्मीर में 2015 के पीडीपी-भाजपा गठबंधन की रूपरेखा तैयार करने में उनकी अहम भूमिका रही। वे राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति के विशेषज्ञ माने जाते हैं। इंडिया फाउंडेशन थिंक-टैंक के संचालन से जुड़े हैं। वे कई राजनीतिक और वैचारिक पुस्तकों के लेखक भी हैं।

अरविंद मेनन : भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कुशल संगठनकर्ता हैं। मूल रूप से केरल के रहने वाले मेनन ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की। वे 2011 से 2016 तक मध्य प्रदेश भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री रहे, जहां शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार के दौर में संगठन को मजबूत करने में उनकी अहम भूमिका रही। इसके बाद वे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव बने और पश्चिम बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी के रूप में संगठनात्मक विस्तार का जिम्मा संभाला। पर्दे के पीछे रहकर बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने की क्षमता उनकी मुख्य पहचान है।

बांसुरी स्वराज : सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील और नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद हैं। वे भारत की पूर्व विदेश मंत्री स्व. सुषमा स्वराज और वरिष्ठ अधिवक्ता स्वराज कौशल की सुपुत्री हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से साहित्य और लंदन के इनर टेम्पल से कानून की उच्च शिक्षा प्राप्त की है। दो दशकों तक वकालत करने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति में कदम रखा। वे दिल्ली भाजपा के कानूनी प्रकोष्ठ की सह-संयोजक रहीं और 2024 के लोकसभा चुनाव में भारी मतों से जीतकर संसद पहुंचीं। वे अपनी तार्किक शैली और स्पष्ट वक्ता के रूप में पहचानी जाती हैं।

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