जल्द साकार होगा खेल विश्वविद्यालय का सपना- रेखा आर्या

हल्द्वानी। उत्तराखंड में प्रस्तावित खेल विश्वविद्यालय को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने हल्द्वानी के गौलापार स्थित उस भूमि का निरीक्षण किया, जहां इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण प्रस्तावित है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने इसे प्रदेश के खेल भविष्य के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह स्थान केवल जमीन का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि वर्षों के संकल्प, संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा, “यहां बनने वाला खेल विश्वविद्यालय प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को नई दिशा देगा और उन्हें राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का मंच प्रदान करेगा। यह आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होगा।”

उन्होंने आगे कहा कि खेल मंत्री के रूप में युवाओं और खिलाड़ियों के लिए जो सपना देखा गया था, वह अब साकार होता नजर आ रहा है। इस परियोजना को साकार करने में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने उनका आभार जताया।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि विश्वविद्यालय का एकेडमिक ब्लॉक और प्रशासनिक भवन तैयार है और आगामी सत्र से कक्षाओं का संचालन शुरू करने की योजना है।

इस दौरान मंत्री ने सब जूनियर नेशनल चैंपियनशिप के प्रशिक्षण शिविर का भी निरीक्षण किया और खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनकी तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बालक और बालिका टीमें 1 अप्रैल से शुरू होने वाली राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी और बेहतर प्रदर्शन करेंगी।

निरीक्षण और कार्यक्रम के दौरान रविंद्र बाली, यशपाल आर्य, लता शाह, लीलावती जोशी, सुनील कुमार, राहुल यादव और गोविंद लटवाल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

जनगणना बड़ी जिम्मेदारी का काम
कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने सोमवार को काठगोदाम सर्किट हाउस स्थित सभागार में जनगणना 2027 के मास्टर ट्रेनर्स के तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2047 में विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तय किया है, यह जनगणना ही उसका आधार तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि समस्त विकास योजनाएं जनगणना के आंकड़ों पर ही आधारित होती है इसलिए यह बहुत जिम्मेदारी का कार्य है।

Check Also

सरकारी कर्मचारी के आश्रित नहीं बन सकेंगे बीमा एजेंट, सरकार ने 24 साल बाद बदले नियम

Dehradun: उत्तराखंड में अब सरकारी कर्मचारियों के आश्रित बीमा एजेंट नहीं बन सकते। कर्मचारी दो …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *