सावन में ब्रह्म कमल से खिली केदारपुरी, पुष्प लाने नंगे पांव जाते भक्त, बाबा को कर रहे अर्पित

रुद्रप्रयाग। हिमालय में स्थित केदारपुरी सावन मास में ब्रह्म कमल के पुष्पों की सुगंध से हर भक्त को अपनी ओर आकर्षित कर रही है। यहां चोराबाड़ी ताल, बासुकीताल व ऊपरी बुग्यालों में यह पुष्प खिला है। यह राज्य पुप्प भगवान शिव का अति प्रिय पुष्प माना जाता है। सावन मास में यह अधिक संख्या में खिलता है। तुंगनाथ, मद्महेश्वर में इन दिनों भक्त भगवान शिव को इस पुष्प को अर्पित करते है। ब्रह्मा कमल लाने के लिए लोग नंगे पांव इन क्षेत्राें में पहुंचते और इसे तोड़कर लाते हैं। तब भगवान शिव को अर्पित करते हैं।

धार्मिक मान्यता है कि भगवान शिव को अर्पित ब्रह्म कमल को प्रसाद के रूप में प्राप्त करने से मनोकामना पूरी होती है। ब्रह्म कमल राज्य पुष्प होने के साथ विभिन्न औषधि गुणों से संपन्न माना जाता है। हिमालय के बुग्यालों में खिले ब्रह्म कमल से प्रकृति और केदारपुरी की शोभा भव्य बनी है। केदारनाथ के तीर्थ पुरोहित उमेश पोस्ती बताते है कि सावन माह में ब्रह्म कमल अर्पित कर शिव अर्चना से सुख और पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा सावन मास में भगवान शिव को अर्पित पुष्प वे अपने यजमानों को भी भेजते है, जो एक पुरानी धार्मिक परंपरा।

14 लाख 41 हजार भक्तों ने किए बाबा केदार के दर्शन

केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को आम भक्तों के दर्शन के लिए खुले। अब तक यहां 14 लाख 41 हजार भक्तों ने बाबा केदार के दर्शन किए है। शनिवार को तीन हजार भक्त केदारनाथ पहुंचे है। आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि अब तक केदारनाथ में 14 लाख 41 हजार से। अधिक तीर्थयात्री पहुंचे है। द्वितीय केदार मद्महेश्वर के पुजारी शिवशंकर लिंग ने बताया कि 44 हजार भक्तों ने मंदिर पहुंच कर भगवान के दर्शन किए। वहीं तुंगनाथ मंदिर के प्रबंधक प्रकाश पुरोहित ने बताया कि यहां तृतीय केदार तुंगनाथ में 128000 यात्रीयों ने मंदिर के दर्शन किए है।

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